राजनीतिसंपादकीय

जम्मू कश्मीर निकाय चुनावों में भाजपा का शानदार प्रदर्शन

Hisar Today

जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी का 40 महीना पुराना गठबंधन जब टूटा तो सभी अचंभे में पड़ गए। दरअसल जम्मू -कश्मीर में महबूबा से अलग होने की भाजपा ने कई वजह गिनाई थी। श्रीनगर में दिन दहाड़े आतंकवादियों द्वारा पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या से भाजपा की दिक्कते बढ़ने लगी थी। यह एक ऐसा कारण बना, जिसकी आड़ में भाजपा को अलग होने का मौका मिला। पांच दिनों में भी हत्यारों तक पुलिस की पहुंच न होने से भाजपा ने मुख्यमंत्री पर सवाल भी खड़े किए। दूसरा कारण था ऑपरेशन ऑलआउट रोकने की मियाद बढ़ाना। रमजान के महीने में सुरक्षा बलों की तरफ से आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑल आउट रोकने को लेकर भी भाजपा व पीडीपी में विवाद था। केंद्र सरकार ने रमजान खत्म होते ही आपरेशन ऑल आउट शुरू कर दिया, जबकि पीडीपी इसे आगे बढ़ाने पर जोर दे रही थी। इससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ रहीं थी। तीसरा कारण था कठुआ मामला। कठुआ में बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले में भाजपा व पीडीपी आमने-सामने आ गई थी।

भाजपा नेताओं ने आरोपी के समर्थन में रैली भी निकाली। इस मामले में पीडीपी आरोपियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए थी। चौथा कारण मेजर गगोई प्रकरण। इस मामले में सेना के मेजर गोगोई ने पत्थरबाजों के जवाब में स्थानीय नागरिक फारुख अहमद डार को जीप के बोनट पर बांध कर घुमाने के मामले में भी भाजपा व पीडीपी आमने सामने आ गई थी। सेना ने गगोई को इनाम दिया था और दूसरी तरफ राज्य सरकार ने गोगोई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पांचवा मामला था अलगाववादियों से चर्चा। महबूबा मुफ्ती की पूरी कोशिश थी कि शांति बहाली के लिए अलगाववादी संगठन हुर्रियत के साथ बातचीत की जाए। जबकि भाजपा का हुर्रियत को लेकर रुख एकदम कड़ा रहा है। दोनों के बीच विवाद निपटाने व समाधान के लिए केंद्र ने वार्ताकार के रूप में दिनेश्वर शर्मा को जम्मू कश्मीर में भेजा था। छठवां मुद्दा था अनुच्छेद 370. गठबंधन के समय ही जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को लेकर दोनों दलों में मतभेद रहा। जहां यह भाजपा का कोर मुद्दा था, वहां पीडीपी इसके लिए कतई तैयार नहीं थी। ऐसे में यह ठंडे बस्ते में रहा, लेकिन भाजपा व संघ को इससे दिक्कतें हो रही थीं। जिसके बाद दोनों पार्टी में गठबंधन टूट गया और कयास लगाए जाने लगे की इसका असर निकाय चुनावों में दिखेगा।

मगर इस बार निकाय चुनावों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और पीडीपी को एक सिरे से नकारते हुए भाजपा के पक्ष में फैसला सुनाया। भाजपा ने शनिवार को जम्मू नगर निगम के चुनावों में शानदार जीत दर्ज की वहीं कश्मीर घाटी में भी पार्टी ने 100 वार्डों में जीत हासिल की। भाजपा द्वारा अच्छा प्रदर्शन करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी पार्टी लोगों की अकांक्षाओं पर खरा उतरने के लिये कड़ी मेहनत करेगी। वहीं पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने भी कहा कि पार्टी ने चुनावों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है.उल्लेखनीय है कि राज्य में चार चरणों में शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव हुए हैं जिनका नेकां और पीडीपी ने बहिष्कार किया था। कश्मीर प्रभाग के 42 नगर निकायों के 178 वार्डों में जीत दर्ज कर निर्दलीय उम्मीदवार सबसे बड़े समूह के रूप में उभर। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि घाटी में 157 वार्ड पर जीत हासिल कर कांग्रेस भाजपा से आगे थी। भगवा दल को 100 वार्डों में जीत मिली है। अलगाववादियों के बहिष्कार के आह्वान तथा आतंकवादियों की धमकी तथा नेकां और पीडीपी के भाग नहीं लेने से भाजपा और कांग्रेस दोनों को मदद मिली।
भाजपा और कांग्रेस के क्रमश: 76 और 78 उम्मीदवार निर्विरोध विजयी हुए। भाजपा 12 नगर निकायों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और उनमें से पांच में उसे बहुमत मिला है। कांग्रेस 15 निकायों में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है और उनमें से 11 पर उसे बहुमत मिला है।

श्रीनगर नगर निगम में कांग्रेस को 16 सीटें मिली हैं जबकि भाजपा ने चार वार्डों में जीत हासिल की है। 74 सदस्यीय निकाय में निर्दलीय उम्मीदवारों ने 53 सीटों पर जीत हासिल की है। लेह और करगिल में कांग्रेस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया वहीं भाजपा दो निकायों में अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही। कांग्रेस ने लेह की सभी 13 सीटों और करगिल में छह सीटें पर जीत हासिल की। जम्मू में कांग्रेस को झटका लगा और उसे सिर्फ 14 सीटों पर ही जीत मिल सकी। अधिकारियों ने बताया कि भाजपा ने निगम चुनाव में 43 सीटों पर जीत दर्ज कर की है। निगम की 18 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी में मतों की गिनती राजकीय पोलीटेक्नीक संस्थान में सुबह नौ बजे शुरू हुई। नतीजे आने के साथ ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी की जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया। जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी जम्मू नगर निगम समेत अधिकतर वार्डों में अपना खाता खोलने में नाकाम रही। पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री हर्षदेव सिंह ने धांधली का आरोप लगाया और दावा किया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के कारण भाजपा को जीत मिली। बीजेपी ने जम्मू नगर निगम के चुनावों में शानदार जीत दर्ज की और कश्मीर घाटी में भी पार्टी ने 100 वार्डों में जीत हासिल की। बता दें कि राज्य में चार चरणों में शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव हुए हैं जिनका नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने बहिष्कार किया था। अलगाववादियों के बहिष्कार के आह्वान और आतंकवादियों की धमकी और नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के भाग नहीं लेने से बीजेपी और कांग्रेस दोनों को मदद मिली।

बीजेपी और कांग्रेस के 76 और 78 उम्मीदवार निर्विरोध जीते। बीजेपी 12 नगर निकायों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और उनमें से पांच में उसे बहुमत मिला है। कांग्रेस 15 निकायों में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है और उनमें से 11 पर उसे बहुमत मिला है। श्रीनगर नगर निगम में कांग्रेस को 16 सीटें मिली हैं जबकि बीजेपी ने चार वार्डों में जीत हासिल की है। बता दे की कांग्रेस के खिलाफ लगातार बोलने वाले भाजपा पार्टी के नेताओ को धक्का तब ज्यादा लगा जब लेह और करगिल में कांग्रेस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी में वोटो की गिनती राजकीय पोलीटेक्नीक संस्थान में सुबह नौ बजे शुरू हुयी. नतीजे आने के साथ ही बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी की जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया। जम्मू कश्मीर स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी के अच्छे प्रदर्शन के नतीजे उस समय आये है जब राजस्थान,मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में भाजपा चुनावी रण में उतर कर अपने प्रतिद्वंदी को नाको चने चबवाने की कोशिश कर रही है, और उसे चुनौती खुद कांग्रेस के राहुल गांधी से मिल रही है। इसलिए जम्मू -कश्मीर के नतीजे भी कही न कही कांग्रेस और भाजपा को बल देने का काम कर रहे है।

ऐसे में चुनावी नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी पार्टी लोगों की अकांक्षाओं पर खरा उतरने के लिये कड़ी मेहनत करेगी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “मैं शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा का समर्थन देने के लिये जम्मू और कश्मीर के लोगों को धन्यवाद देता हूं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के लोगों को आश्वस्त किया कि बीजेपी राज्य के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिये कड़ी मेहनत करेगी। वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी पार्टी के प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में शहरी निकाय चुनावों में प्रभावशाली प्रदर्शन से साफ है कि पार्टी ने राज्य के लोगों का विश्वास हासिल किया है. शाह ने ट्वीट कर कहा, “ये नतीजे जम्मू कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं को दर्शाते हैं जिन्होंने झगड़े की राजनीति से आगे बढ़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास की राजनीति में भरोसा जताया।

 

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