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इनेलो का नया ‘चेहरा’ बनकर उभरेगा ‘जननायक सेवादल’

Hisar Today

कांग्रेस पार्टी कि नींव कहीं जाने वाली “सेवादल” कि स्थापना पद्मविभूषण डॉ. नारायण सुब्बाराव हार्डिकर ने 1 जनवरी 1924 में कि थी, भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत कर सत्ता के गलियारों तक पहुंचाने वाले आरएसएस कि स्थापना 92 वर्षो पूर्व 27 सितंबर 1925 में डॉ केशव बलिराम हेगडेवार ने की थी। यह सभी जानते हैं कि आज कांग्रेस और भाजपा जिस ऊंचाई पर पहुंची हैं उसमें सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी इन दलों की रही हैं। जिन्होंने जमीन स्तर पर काम कर न केवल कांग्रेस और भाजपा कि ताकत को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। बल्कि पार्टी को भी मजबूत करने का काम किया।

आज कांग्रेस और भाजपा के नक्शे कदम पर चलते हुए हरियाणा में इनेलो कि ताकत को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने एवं पार्टी के कार्यकर्ताओं में एक अनुशासन का निर्माण करने के लिए ताऊ देवीलाल कि विरासत को आगे ले जाते हुए सांसद दुष्यंत चौटाला ने “जननायक सेवा दल” को गति देने का काम किया हैं। दुष्यंत चौटाला के इस कदम के साथ हरियाणा में जाट और गैर-जाट सियासत के बीच प्रमुख विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने एक नया प्लेटफार्म तैयार कर दिया है। ‘जननायक सेवादल’ के नाम से गठित यह नया संगठन इनेलो पार्टी कि नींव और जनता के बीच पकड़ रखने के लिए इनेलो पार्टी कि तरफ से सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर काम करता दिखाई देगा। जानकारों का मानना है कि सत्तारूढ़ भाजपा के सामाजिक संगठन आरएसएस और कांग्रेस व तृणमूल कांग्रेस की तर्ज पर इसका संविधान तैयार किया गया है।

“जननायक सेवादल” के गठन के साथ, इनेलो ने यह स्पष्ट संदेश भी दे दिया है कि 2019 का आगामी लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में वह पूर्व उपप्रधानमंत्री स्व. चौधरी देवीलाल के चेहरे को आगे रखकर चुनाव में उतरेगी। वैसे तो, जननायक सेवादल का गठन 2002 में ही पूर्व सांसद व इनेलो प्रधान महासचिव अजय सिंह चौटाला ने कर दिया था। उनके जेल जाने के बाद से यह संगठन पूरी तरह से निष्क्रिय था। परन्तु अब 2019 के आगमन के पूर्व अजय चौटाला के बेटे सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला ने जननायक सेवादल को पुनर्जीवित करने का काम किया है। यह दल भले ही सक्रिय राजनीति का हिस्सा न हो, मगर इनेलो कि गतिमान राजनीति में इसकी भूमिका बेहद अहम मानी जा रही हैं। सांसद दुष्यंत चौटाला का यह कदम उनकी राजनैतिक भविष्यगामी सोच को प्रदर्शित करता हैं।

सांसद दुष्यंत चौटाला जानते हैं कि प्रतिस्पर्धा के दौड़ में संगठन कि ताकत को मजबूत करना, संगठन में अनुशासन और पार्टी में ईमानदार कार्यकर्ता कि ताकत को और बलवान किए बिना ‘इनेलो का विस्तार और उसे मजबूत करना असंभव हैं। ऐसे में जमीनी स्तर के साथ सोशल मीडिया में भी इनेलो पार्टी कि सोच, उसका कार्य, उसकी योजना जनता के बीच ले जाने के लिए पार्टी को हर स्तर पर मजबूत करना जरुरी हैं।कुछ लोग दुष्यंत चौटाला के इस कदम को लेकर यह कयास लगा रहे हैं कि दुष्यंत पार्टी में खुद कि ताकत बलबूते, अपनी स्वच्छ छवि और मजबूत इरादों के दम पर 2019 चुनाव के पहले खुद को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पेश करना चाहते हैं। दुष्यंत चापलूसों की फौज पर नहीं बल्कि एक छोटे से ईमानदार कार्यकर्ता को अपना सच्चा सिपाही मानते हैं। यही कारण है कि जननायक सेवादल के नियम और शर्ते कही न कहीं एक स्पष्ट संकेत देती हैं कि पद की लालसा नहीं, बल्कि पार्टी का प्रेम जिसके पास होगा वहीं इस संगठ में शामिल होगा।

राष्ट्रीय स्तर पर बनाए गए इस संगठन के 7 अहम पदाधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है। इन नियुक्तियों के साथ अब सभी 10 लोकसभा क्षेत्रों के प्रभारियों के साथ-साथ 22 जिला, 90 हलका प्रभारी नियुक्त होंगे। ब्लाक स्तर पर भी जननायक सेवादल अपने प्रभारी नियुक्त करेगा। आमतौर पर इनेलो पर गांवों एवं जाति विशेष की पार्टी होने के ठप्पा लगा हुआ हैं। लेकिन जननायक सेवादल के जरिये इनेलो इस छवि को तोड़ने की कोशिश करेगी।

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