संपादकीय

“आवारा पशु हटाने का इरादा” बीजेपी वालों का झूठा वादा

Hisar Today

आवारा पशुओं के नाम पर राजनीति करते मैंने कई नेताओं को आपने और हमने देखा है। याद है जब हिसार विधानसभा चुनाव का दौर चल रहा था तब भाजपा वाले बड़े जोशोखरोश के साथ कह रहे थे कि हमारी सरकार आई तो शहर के सभी आवारा पशुओं के लिए ऐसे कदम उठाएंगे कि जो आजतक कोई नहीं उठा पाया। बड़े जोशो-खरोश के साथ कह रहे थे कि भाजपा की सरकार आने के बाद हिसार में आवारा पशुओं की उचित व्यवस्था कर दी जायेगी। हमारे शहर के आवारा पशु की गंभीर समस्या, हम समझे कि हमारे लिए कोई सोच रहा है। जो उनका ख्याल रखेगा, उनको खाने व रहने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और शहरवासियों को लगा कि वाकई सरकार ठोस कदम उठाएगी और भाजपा की सत्ता आते की गेम चेंज हो जायेगा और 6 महीनों में यह मामला हल होगा। यह बात मैं आपको बता रहा हूं 2014 की। कितने साल हो गए डॉ कमल गुप्ता को चुनाव जीते। 2014 के चुनाव के दौरान खुद उनके प्रचार सभाओं में जाकर मैं स्वयं न्यूज रिपोर्टिंग किया करता था। अब आप ही सोचेें 2014 को बीते कितने साल हो गए? हो सकता है यही विधायक बोल दें कि वह इस परियोजना में जुटे हैं और इसका काम किया जा रहा है।
मगर यह क्या 2018 में जब मेयर चुनाव आया तब भी यही वादा? मेयर प्रत्याशी ने कहा इस समस्या का निराकरण हो जायेगा। सत्ता में आये हमारे मेयर और अब भी आवारा पशुओं की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। पत्रकार जब भी उनसे सवाल करते तो वह जोशोखरोश के साथ कहते कि भाई काम चल रहा है और जल्द ही इस समस्या का निराकरण हो जाएगा। मेयर साहब आप तो इस शहर में इतने अर्सों से रह रहे हैं आप भली भांति वाकिफ हैं यहां की आवारा पशुओं से होने वाली समस्या से।
वैसे कुछ दिनों पूर्व नगर निगम ने पशुओं को पकड़ने का ठेका दिया था और उन्हें गौशाला में भेजने का काम जरूर हो रहा है, मगर महाशय मंत्री और मेयर साहब आपको पता है कि जो आवारा पशु पकडे जाते हैं, उन्ही पशुओं को दुबारा सडकों पर छोड़ दिया जा रहा है। ऐसे असंख्य आवारा पशु आपको मिलेंगे जिनके कान में बैच भी लगा हुआ है। मगर कौन देखता है? मेयर पद मिलने के बाद आप खुद ही गौशाला में जाकर आपने पूरे हालात का जायजा लिया था। मगर उसके बाद क्या हुआ? आज भी दुर्घटना की घटनाएं आम बात बन गई हैं। एचएयू के सामने इन आवारा पशुओं का जमघट इतना है कि वहां आपके पार्टी के जिला महामंत्री भी रहते हैं मगर फिर भी समस्या का हल नहीं ताज्जुब है। कृपया कर विधायक और मेयर पब्लिक में यह घोषणा कर दे कि हिसार को आवारा पशु से मुक्त होने के लिए और कितने साल इंतजार करना पड़ेगा।
आप को पता है कि आजकल आम जनता भी प्रशासन के दावे वादों की पोल खोलने लगी है। जीतेन्द्र श्योराण को ले लीजिये या सुशील खरींटा को ही देख लीजिये वह बार-बार इस मुद्दे पर प्रशासन और निगम का ध्यान आकर्षित करवाते थक गए, मगर कुछ समय काम होता है उसके बाद दुबारा ढाक के तीन पात। बता दें कि इस बार आवारा पशु का आतंक हिसार में इतना आगे बढ़ गया है कि अब आवारा पशुओं के साथ नील गाय भी इस सूची में शामिल हो गयी है। इसी की तस्वीर सुबह से व्हाट्सअप पर वायरल हो रही है और लोग सवाल पूछ रहे हैं “वादा तेरा वादा”। याद आया सिद्धू ने भी यह मशहूर गाना गाकर हिसार में भाजपा से सवाल किया था “वादा तेरा वादा” खैर अब जनता इस इंतजार में टकटकी लगाए बैठी है कि उनकी इस गंभीर समस्या की तरफ कोई कठोर कदम उठाये जाएं। सुना है यह आवारा पशु खाने के लिए न केवल गलियों और सडकों पर भिड़ जातें है बल्कि कचरा खा-खा कर अपने पेट की भूख शांत कर रहे हैं। मगर नगर निगम इतना सुस्त पड़ा हुआ है जिसकी कोई कल्पना ही नहीं कर सकता। न तो ये मेयर की सुनते हैं न आम नागरिक की। आखिर पकड़े हुए आवारा पशु कैसे सडकों पर दुबारा दिखाई दे रहे हैं। क्या पकड़ो, दंड वसूलो और छोड़ दो का यह सिलसिला ऐसे ही चलते रहेगा और आवारा पशुओं की हालत बद्द से बद्दतर होती रहेगी।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close