युवा प्रतिभासंपादकीय

अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस विशेषांक—पृथ्वी के बचाव के लिए आवश्यक पुनर्चक्रण

Hisar Today 

-अनुराधा खरे, लेखिका 

‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’ – अर्थात इस संसार में मां व जन्म भूमि को स्वर्ग से भी बढ़कर माना गया है I

मां न केवल हमें जन्म देती है बल्कि हमें पाल पोस कर बड़ा कर इस दुनिया में जीने लायक बनाती ह I हम पृथ्वी को भी धरती मां कहते हैं, और जिस तरह हम अपनी मां के प्रति प्रेम भक्ति भावना रखते हैं, ठीक उसी प्रकार धरती मां के लिए क्यूं नहीं? आज धरती मां पर संकट है– प्रकृति पर अत्याचार हो रहे हैं, लगातार जंगलों की कटाई हो रही है उन्हें नष्ट किया जा रहा है, ग्लोबल वार्मिंग की समस्या ने एक विकराल रूप धारण कर लिया ह, पृथ्वी के नीचे का जलस्तर कम होता जा रहा ह I वातावरण क्षेत्र में जहरीली गैसों से बढ़ता तापमान तथा उसके कारण पृथ्वी पर प्रलय कारी सुनामी और भूकंप जैसी विनाश लीलाएं आज पृथ्वी पर हो रही हैI इन सब के बावजूद भी अगर हम आज सावधान ना हुए तो वह दिन दूर नहीं जब हम खाने के लिए भोजन, पीने के लिए पानी और जीने के लिए शुद्ध हवा के लिए एवं उचित वातावरण को तरस जाएंगे I

आज पृथ्वी पर मनुष्यों की संख्या 7.35 अरब के पार हो चुकी है और वह केवल अपनी आवश्यकताओं तक ही सीमित रह कर लगातार पृथ्वी पर प्राकृतिक संसाधनों का दोहन और वातावरण को प्रदूषित करने में लगा है I रासायनिक पदार्थों का उपयोग बढ़ा है I आज जल वायु समस्या से विश्व स्तर पर लोगों में चिंता शुरू हो गई है I आज यह संपूर्ण पृथ्वी के लिए सबसे बड़ा संकट है I आज हमारी धरती मां को इन सभी संकटों से मुक्ति दिलाने का समय है, जिसके लिए हमें हर संभव प्रयास करने चाहिए और हर गांव, कस्बों, शहरों से लोगों को आगे आना होगा I रसायनों का प्रयोग कम से कम करना होगा I

‘पुनर्चक्रण’ है सही विकल्प I साधारण शब्दों में ‘रीसाइक्लिंग’ अर्थात ‘पुनर्चक्रण’ का अर्थ उपयोग की गई चीजों को दोबारा प्रयोग में लाने योग्य बनाने से है I पुनर्चक्रण पर्यावरण को सुरक्षित रखने में हमारी सहायता करती है I यह कच्चे माल को निकालने और उसे साफ करने की जरूरत को कम करती है, जिसकी वजह से हवा व पानी कम प्रदूषित होते हैं I पुनर्चक्रण की वजह से ऊर्जा की जरूरत भी कम पड़ती है, फलस्वरूप ग्रीनहाउस गैसेस के उत्सर्जन की मात्रा को कम कर जलवायु को गर्म होने से बचाती हैI

पुनर्चक्रण की शुरुआत हम हमारे घर से ही शुरू कर सकते हैं I घर के कूड़ेदान में बिकने वाली कई वस्तुएं पुनर्चक्रण योग्य होती हैं I इनसे हम उपयोगी वस्तुएं भी बना सकते हैं I केवल कचरा ही नहीं बल्कि कई ऐसी पुरानी वस्तुओं जैसे प्लास्टिक के कंटेनर, पुराने कपड़े, एग-ट्रे, एक-शैल और कोल्ड ड्रिंक बोतलें, रद्दी आदि का प्रयोग कर भी हम रीसाइकिल कर पुनः उपयोग में लाने योग्य बना सकते हैं, जो कि हमारी आमदनी का जरिया भी बन सकती है I

आज विश्व में लोग रीसाइक्लिंग को लेकर जागरूक होते दिख रहे हैं I लोगों ने इसको हुनर के साथ-साथ व्यवसाय की तरह भी अपना रहे हैं I आज भी कई लोग जो रीसाइक्लिंग या इसके महत्व से अनजान हैं, तो यह हमारा फ़र्ज़ ही नहीं कर्तव्य भी है कि उनको भी, खासकर बच्चों जो कि हमारा भविष्य है के प्रति जागरूक करना है, जिसके लिए शिक्षण संस्थाएं अपने विद्यार्थियों के लिए रीसाइक्लिंग से संबंधित प्रयोगशालाएं (workshop) कराएं I महिलाएं भी इसकी शुरुआत अपने घर से ही कर सकती हैं I

हमारा एक छोटा सा प्रयास भी धरती मां पर उभर रहे प्राकृतिक संकटों से मुक्ति दिला सकता है I 

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