भिवानी

महानिदेशक के साथ वार्ता बैठक 10 को

मांगे नहीं मानी तो होगा संघर्ष

हिसार टुडे। भिवानी

महानिदेशक विद्यालय शिक्षा हरियाणा शिक्षा सदन पंचकूला ने समय की कमी बताकर फील्ड मिनिस्ट्रीयल  स्टाफ की मांगों पर की जाने वाली सुनवाई को बीच में ही रोक दिया। 10 जनू को फिर से बुलाई बैठक।

हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन हेमसा सम्बद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा राज्य सचिव राजेश लाम्बा, जिला प्रधान सुकेश कुमार, सचिव सहदेव सिंह द्वारा संयुक्त रूप से इस रवैये के खिलाफ दो टूक शब्दों में कह  डाला कि यदि सोमवार को होने वाली बैठक में भी कर्मचारियों की समस्याओं पर राज्य कमेटी का पक्ष सुनकर समाधान नहीं किया जाता तो शिक्षा सदन से ही संघर्ष का ऐलान किया जाएगा।

 महानिदेशक द्वारा जब से शिक्षा विभाग में कार्यभार सम्भाला है संगठन लगातार बातचीत के माध्यम से समस्याओं के समाधान की अपील कर रहा है, परन्तु समाधान करना तो दूर रहा बैठक तक के लिए समय नहीं दिया जा रहा है।

हेमसा के 12 जून राज्य स्तरीय मास डेपूटेशन प्रदर्शन के लिए अल्टीमेटम के बाद महानिदेशक ने पहले 31 मई, फिर 7 जून और अब 10 जून को फिर से शिक्षा सदन पंचकूला में बैठक निश्चित की गई है। इससे साफ प्रतीत होता है कि अधिकारी समस्याओं के समाधान के प्रति गम्भीर नहीं है।

जिला सचिव सहदेव सिंह ने कहा कि सहायक, आंकड़ा सहायक, उपाधीक्षक, अधीक्षक के सैंकड़ों पर वर्षों से खाली पड़े हैं। पात्र कर्मचारियों की जानबूझकर पदोन्नति नहीं की जा रही है। उन्होंने सचिवालय से विद्यालय तक   मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के कॉमन कैडर बनाने की मांग की।

महानिदेशक केवल स्तानांतरण नीति पर बात करते हैं। मांगपत्र पर बात नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि इस बैठक में महानिदेशक से मांगपत्र की सभी मांगों पर जवाब मांगा जाऐगा तथा समाधान नहीं किया गया तो संघर्ष का बजेगा बिगुल।

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