युवा प्रतिभा

मेरे पिता/जब मैं दुनिया में आया तो, वो बने एक गीत

जब मैं दुनिया में आया तो
वो बने एक गीत संगीतमय धुनों से खिलखिलाते
माँ जब लगी होती थी
काम में
वो बन जाते मेरा झूला
मेरे क़दमों की चाप
सुनने के लिए
वो बन गए सहारा बस
एक अंगुली देकर
वो चाहते थे कि मैं सबसे आगे बढूँ
मेरे लिए सर्वोत्कृष्ट
स्कूल ढूँढा
वो बन थे एक अन्वेषक
मेरे मन-मस्तिष्क के लिए
मुझे संगीत का
ज्ञान भी करवाया
वो बने पथ-प्रदर्शक
मैं सोचता था काश
वो मेरे स्कूल में होते
उनका पढाया सब याद हो जाता था
वो बन गए मेरे गुरु
उनकी नाराजगी पर
सहम जाता था
फिर उनको डरते
डरते मनाता था
वो तब सूर्यास्त से होते जाते शांत उन्होंने मेरे लिए
एक राह चुन रखी थी
वो मेरे जीवन के निर्णायक थे
उनके संस्कार मुझ में समाते जा रहे थे
वो तब एक पुजारी से थे
रातों को जब कभी
नींद नहीं आती
उनके हाथ मेरे लिए
ईश्वर का प्रसाद थे
मेरी हर खुशी को पूरा
करना उनका जूनून था
वो थे (हैं) मेरी सबसे
बड़ी दौलत
मेरी हर सफलता पर
वो थे सूर्य की तरह चमकीले
मेरी हर असफलता पर
वो सामान्य ही रहते
मैं कैसे थकता
कई सारे कांटो पे चल के
वो मेरे लिए बन जाते थे फूल
मैं मन में सोचता था
मैं बनूँगा उनका सहारा
थी मेरी भूल
उन्होंने मुझे सच्चाई सिखाई ईमान समझाया
वो बन गए थे ईश्वर
उन्होंने ईश्वर का ध्यान बताया
वो बन गए एक संत
उन्होंने मुझे प्रेम करना सिखाया
वो थे तब एक वीणा की तरह वो क्या
क्या नहीं बने मेरे लिए
आज वो
एक किताब हैं
उनके हर्फ़
मन में बसे हैं
वो खामोश हैं|
मैं आंसू बहा कर
कैसे बर्बाद करूँ
वो जो अब प्रेम का समय हैं

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