टुडे न्यूज़हिसार

बालश्रम कानून के उल्लंघन पर 3 साल तक की सजा व 50 हजार रुपये तक जमाने का प्रावधान : दौलतराम गुंदली

बाल श्रम निषेध दिवस पर मीलगेट क्षेत्र में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन

हिसार।

आज बालश्रम निषेध दिवस के उपलक्ष्य में सुरेंद्र कुमार मुख्य न्याय दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन एवं दौलतराम गुंदली लीगल एड एडवोकेट की अध्यक्षता में अंबेडकर बस्ती मीलगेट क्षेत्र में एक जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में दौलतराम गुंदली ने कहा कि लोकसभा ने 26 जुलाई 2016 को बालश्रम निषेध और विनियमन संशोधन विधेयक 2016 को पारित करके सभी व्यवसायों व उद्योगों में 14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम करवाने को प्रतिबंधित किया गया है।

इस कानून के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को परिवार से जुड़े व्यवसायों को छोडक़र विभिन्न क्षेत्रों में काम करने पर पूर्ण रूप से मना है। इसके अलावा 14 से 16 वर्ष तक के बच्चों को यदि वह स्वस्थ है तो वह कुछ शर्तों के साथ काम कर सकता है लेकिन उसे किसी खतरनाक उद्योगों में काम नहीं करवाया जाएगा। वह अपने पारिवारिक कार्य में हाथ बंटा सकता है लेकिन उसकी शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए जहां उसे शिक्षा के मौलिक अधिकार 2009 के तहत कोई नुकसान न हो।

गुंदली ने बताया कि इस कानून का उल्लंघन करने वालों पर 6 मास से 3 वर्ष तक कारावास व 20 हजार से 50 हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों का प्रावधान है। बच्चों से खतरनाक कारखानों जैसे कांच, चूड़ी के कारखाने, पटाखे व आतिशबाजी, माचिस, भट्ठा, कालीन, बिजली की फैक्टरी इत्यादि में काम नहीं करवाया जा सकता। अगर बच्चा मजदूरी करता है तो यह हमारे समाज की भी जवाबदेही है क्योंकि बच्चे राष्ट्र की अमूल्य निधि हैं जिन्हें सुरक्षा प्रदान करना समाज की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में अंबेडकर बस्ती के प्रधान जोगेंद्र सिंह, पी.एल.वी. प्रिंस सहित काफी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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