टुडे न्यूज़संपादकीय

हरियाणा प्रदेश बढ़ रहा त्रिशंकु विधानसभा की ओर!

संपादकीय महेश महेता

हिसार टुडे

हरियाणा के विधानसभा चुनाव को मात्र मात्र 6 दिन ही शेष बचे हैं। चुनाव नजदीक आते ही सभी पार्टियों के गणित बनने और बिगड़ने लगे हैं। ऐसी स्थिती में लोकसभा चुनाव में हरियाणा में एक मजबूत ताकत के साथ उभरी भारतीय जनता पार्टी का विधानसभा में भी शायद वही प्रदर्शन उनके लिए मुमकिन न हो।

दरअसल भारतीय जनता पार्टी के मिशन 75 की कमर तोड़ने के लिए कांग्रेस की भूपेंद्र सिंह हुड्डा और शैलजा की टीम अधिक फोर्स के साथ इस बार मैदान में मोर्चा संभाले हुए है तो ठीक दूसरी तरफ हाल में बनी जननायक जनता पार्टी की दमदार ताकत भी भाजपा के सारे समीकरणों को बिगाड़ने का काम कर रही है। ऐसे में इस तगड़े मुकाबले को देखकर लगता है कि इस बार भाजपा, कांग्रेस और जननायक जनता पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला हो सकता है। पिछले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 90 में से 47 सीटों पर विजयी हुयी थी, वहीं इनेलो को 19, कांग्रेस को 15 और अन्य के खाते में 5 सीट गयी थी। मगर जींद उपचुनाव, मेयर चुनाव और फिर लोकसभा की सभी 10 की 10 सीट जीतने के बाद भाजपा का मनोबल इतना बढ़ गया है कि उन्होंने इस बार विधानसभा चुनाव में 75 प्लस का नारा लगाया है।

मगर आज कांग्रेस और जजपा ने भाजपा के सारे समीकरणों को बिगाड़ने का काम किया है। भाजपा को सबसे ज्यादा डैमेज करने का काम कर रही है जननायक जनता पार्टी। बागी प्रत्याशियों के लिए जजपा ने अपने द्वारा खोलकर भाजपा के सामने आने वाले भविष्य की नई चुनौती कड़ी कर दी है। आज नौबत यहां तक आ चुकी है कि भाजपा के कदावर नेताओं की खुद की सीट फंसती नजर आ रही है। जिसमें मुख्य तौर पर नाम वित्त मंत्री रामबिलास शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, प्रेम लता, ओमप्रकाश धनखड़, रामबिलाश शर्मा, विनोद भ्याना जैसे कई दिग्गज नेताओं का शुमार है।

बागियों ने उलझाए समीकरण

हरियाणा विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर बागियों ने समीकरणों को उलझा दिया है। इससे मुकाबला रोचक और चुनौतीपूर्ण बन चुका है। इन प्रत्याशियों के लिए बगावत के बाद बिगड़े समीकरणों को साधकर माहौल को अपने पक्ष में करना एक बहुत बड़ी चुनौती बनकर साबित हो रहा है। विधानसभा चुनाव के दौरान जब दलों ने टिकट वितरण कर अपने धुरंधर मैदान में उतारे, तभी से दलों में बगावत के सुर उठने लगे। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में सबसे ज्यादा बगावत हुई। वे नेता जो इस विधानसभा चुनाव में अपनी टिकट पक्की मानकर चल रहे थे। ऐन वक्त पर उनका टिकट कटने के बाद वे नाराज हो गए। जिसके बाद इन बागियों ने न केवल ‘अपनों’ के खिलाफ बतौर आजाद प्रत्याशी परचे भर दिए, वहीं अब ये बागी प्रत्याशी अपने दलों के प्रत्याशियों के वोट बैंक में भी बड़ी सेंधमारी कर रहे हैं। इन बागियों से निपटने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी के नेताओं ने एक तरफ तो ऐसे बागियों को निष्काषित कर दिया।

कांग्रेस के लिए भी बागी बने सरदर्द

बरवाला सीट से रामनिवासी घोड़ेला ने कांग्रेस प्रत्याशी भूपेंद्र गंगवा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मैदान में ताल ठोक रखी है। माना जा रहा है कि उनके मैदान में उतरने से गंगवा मैदान से आउट हो गए है और कड़ा मुकाबला जजपा प्रत्याशी जोगीराम सिहाग और निर्दलीय उम्मीदवार रामनिवास घोड़ेला व सुरेंद्र पूनिया के बीच बना हुआ है। उकलाना सीट से पूर्व विधायक नरेश सेलवाल खुद को कांग्रेस की टिकट का प्रबल दावेदार मान रहे थे। लेकिन टिकट बाला देवी को दे दी गयी। नाराज सेलवाल अब निर्दलीय चुनावी रण में है।

शाह की रैली रद्द होना शुभ संकेत नहीं

टोहाना की सीट से भाजपा की टिकट से खड़े भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को भी जननायक जनता पार्टी के नेता देवेंद्र बबली एकदम कड़ी चुनौती दे रहे है। इस बीच टोहाना और नारनौंद में गृह मंत्री की रैली रद्द होने के बाद यह बात सुर्खियां बन गयी हैं कि सुभाष बराला और कैप्टन अभिमन्यु के हार के रिपोर्ट के कारण ही अमित शाह यहां रैली रद्द कर चुके है। हालांकि अमित शाह से वीडियो जारी कर कहा कि खराब स्वास्थय और गले खराब होने के कारण वह सुभाष बराला की रैली में शामिल नहीं हो पाए। सोशल मीडिया पर चर्चा आम है कि भीड़ कम होने के कारण गृह मंत्री ने रैली में आने से इंकार कर दिया है।

दिग्गज फंसे कांटे के मुकाबले में

रामबिलास शर्मा

जिसमें सबसे पहले नाम आता है हरियाणा के सबसे बड़े मुखिया मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बाद दूसरे नंबर में मंत्री का नाम गिना जाता है वो है महेंद्रगढ़ से भाजपा की टिकट से चुनाव लड़ रहे शिक्षा मंत्री रहे रामबिलास शर्मा का। जो आज खुद त्रिकोणीय मुकाबले में फंस गए है। क्योंकि उनके मुकाबले जहा पूर्व सीपीएस राव दान सिंह और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर एसडीएम रहे संदीप सिंह उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे है।

कैप्टन अभिमन्यु

अब बात करें भाजपा के दूसरे कद्वर नेता वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की। नारनौंद से दुबारा से अपना भाग्य आजमा रहे कैप्टन भी अपनी सीट पर फंसे हुए है। उन्हें जननायक जनता पार्टी ने नेता रामकुमार गौतम कड़ी टक्कर दे रहे है। जिसके चलते अब मैदान में सीधे सीधे तौर कैप्टन अभिमन्यु और रामकुमार गौतम के बीच मुकाबला माना जा रहा है।

ओमप्रकाश धनखड़

बादली विधानसभा सीट से भाजपा की टिकट से मैदान में उतरे ओमप्रकाश धनखड़ को कांग्रेस के नेता कुलदीप वत्स सीधे टक्कर दे रहे है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि ओमप्रकाश धनखड़ के लिए बादली से दुबारा अपनी जीत दोहराएं मुश्किल होगा।

सुभाष बराला

टोहाना की सीट से भाजपा की टिकट से खड़े भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बराला को भी जननायक जनता पार्टी के नेता देवेंद्र बबली एकदम कड़ी चुनौती दे रहे हैं। इस बीच गृह मंत्री की रैली रद्द होने के बाद यह बात सुर्खियां बन गयी है अमित शाह की रैली रद्द क्यों हुई हालांकि शाह ने न आने का कारण स्वास्थ्य बताया है।

जजपा के पास खोने को कुछ नहीं, पाने को सारा जहां

बता दें साफ छवि के लिए अपनी पहचान बना चुके दुष्यंत के लिए यह चुनाव किसी परीक्षा से कम नहीं है। हाल फिलहाल बनी इस पार्टी ने जिस प्रकार से चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के दिग्गजों को मैदान में उतारकर चुनाव रोचक बना दिया उससे यह तो तय है की जजपा ने चुनाव को त्रिकोणीय बना लिया है। इतना ही नहीं एक मजबूत विपक्ष की भूमिका अदा कर एसडीओ भर्ती का रद्द होने का श्रेय दुष्यंत को जाता है।

भाजपा के लिए जजपा और कांग्रेस बानी मुसीबत

अनुच्छेद 370 हटाकर बेहतरीन काम किया मगर उसी मुद्दे को बार-बार चुनाव में उठाने के कारण अब हरियाणा की जनता भी इन मुद्दों से ऊब गयी है। इतना ही नहीं इस चुनाव के दौरान एसडीओ भर्ती रद्द होने को लेकर जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने यह मुद्दा उठाया था कि 80 पदों में सिर्फ 2 पद पर ही हरियाणा के लोगों का सिलेक्शन हुआ जो गलत है।और अचानक इसके रद्द होने की बात कही जा रही है। वह कहीं न कहीं भाजपा को बैक फुट पर ला रहा है।

 

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