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संजय राउत के बयान पर बोले चौटाला

राउत कभी नहीं लिया मेरे पिता का हालचाल, बयान उन्हें शोभा नहीं देता

टुडे न्यूज | चंडीगढ़

महाराष्ट्र चुनाव के बाद से ही शिवसेना और बीजेपी के बीच जारी सियासी उठापटक के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने जेजेपी का उदाहरण देते हुए बीजेपी पर टिप्पणी की तो इसके जवाब में हरियाणा के डेप्युटी सीएम दुष्यंत चौटाला ने शिवसेना की आलोचना की है। संजय राउत ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी यह समझ ले कि हम कोई दुष्यंत चौटाला नहीं है, जिसके पिता जेल में हों। इस बयान के जवाब में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि संजय राउत को यह बयान शोभा नहीं देता है। दरअसल, बीजेपी से जारी वाद-विवाद के बीच शिवसेना के सीनियर लीडर संजय राउत ने बीजेपी पर तीखा तंज करते हुए कहा था, ‘यहां कोई दुष्यंत नहीं है, जिसके पिता जेल में हैं। यहां हम हैं जो धर्म और सत्य की राजनीति करते हैं।’ राउत के इस बयान के बाद मीडिया से बात करते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह बताता है कि राउत जानते हैं कि दुष्यंत चौटाला कौन हैं। मेरे पिता 6 साल से जेल में हैं और उन्होंने कभी उनका हालचाल नहीं लिया। अजय चौटाला बिना अपनी सजा को पूरा किए जेल से बाहर नहीं आएंगे और शिवसेना की ओर से राउत जो बयान दे रहे हैं, वह उन्हें शोभा नहीं देता।

हम सत्ता के भूखे नहीं है: राउत

मंगलवार को ही एनसीपी के बीजेपी संग जाने के समीकरणों को लेकर राउत ने कहा कि शरद पवार वह नेता हैं, जिन्होंने कांग्रेस और बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाया। वह कभी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे।

एक तरफ राउत ने बीजेपी पर वार किया तो दूसरी यह भी कहा कि शिवसेना विकल्पों पर फिलहाल विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा, ‘उद्धव ठाकरे ने कहा है कि हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं, लेकिन हम उन पर काम करने का पाप नहीं कर सकते।
शिवसेना ने हमेशा सत्य की राजनीति की है। हम सत्ता के भूखे नहीं हैं।’

शिवसेना न मानी तो यूं सरकार गठन करेंगे फडणवीस

इस बीच खबरें हैं कि शिवसेना के सख्त तेवरों को देखते हुए बीजेपी विकल्पों पर विचार करने लगी है। बुधवार को बीजेपी चीफ अमित शाह के मुंबई दौरे की संभावना है। कहा जा रहा है कि वह शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर डील फाइनल कर सकते हैं। बीजेपी सूत्रों का कहना है कि यदि अमित शाह के साथ उद्धव की मीटिंग में बात नहीं बनती है तो फिर विधायकों की बैठक के बाद फडणवीस राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिल सरकार गठन का दावा कर सकते हैं। यह सरकार 2014 की तर्ज पर अल्पमत की ही सरकार होगी, जिसके गठन के बाद सदन में बहुमत परीक्षण किया जाएगा।

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